भारत
प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की यात्रा पर रवाना, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से संबंध मजबूत करने पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की महत्वपूर्ण यात्रा पर रवाना हुए। यह दौरा भारत की एक्ट ईस्ट नीति, हिंद-प्रशांत सहयोग, व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
नई दिल्ली, 6 जुलाई 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की तीन देशों की महत्वपूर्ण यात्रा पर रवाना हुए। यह दौरा भारत की विदेश नीति, हिंद-प्रशांत रणनीति और क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। यात्रा की शुरुआत इंडोनेशिया से हो रही है, जहां प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जाएंगे।
यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति को नई गति देने वाली मानी जा रही है। भारत पिछले कई वर्षों से दक्षिण-पूर्व एशिया, प्रशांत क्षेत्र और हिंद-प्रशांत देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने पर जोर देता रहा है। बदलते वैश्विक माहौल में समुद्री सुरक्षा, व्यापार मार्ग, आपूर्ति श्रृंखला, रक्षा सहयोग, ऊर्जा, तकनीक और निवेश जैसे मुद्दे पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की यह यात्रा केवल औपचारिक राजनयिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की क्षेत्रीय रणनीति का बड़ा हिस्सा है।
इंडोनेशिया भारत के लिए आसियान क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और समुद्री संबंध रहे हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में इंडोनेशिया की भौगोलिक स्थिति बहुत महत्वपूर्ण है। भारत और इंडोनेशिया समुद्री सुरक्षा, व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ा सकते हैं। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संवाद को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री मोदी व्यापार, निवेश, शिक्षा, रक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। दोनों देश क्वाड जैसे मंचों पर भी साथ काम करते हैं और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित माहौल बनाए रखने पर जोर देते हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी संख्या भी दोनों देशों के संबंधों को मजबूत आधार देती है।
न्यूजीलैंड यात्रा भी विशेष महत्व रखती है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच शिक्षा, कृषि, पर्यटन, व्यापार और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने की बड़ी संभावना है। न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह यात्रा न केवल सरकारी स्तर पर, बल्कि प्रवासी भारतीयों और शिक्षा क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
इस दौरे का एक बड़ा उद्देश्य व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना भी माना जा रहा है। भारत दुनिया की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और कई देश भारतीय बाजार, तकनीकी क्षमता और युवा कार्यबल के साथ साझेदारी बढ़ाना चाहते हैं। इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ मजबूत आर्थिक संबंध भारत को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर अधिक प्रभावी बना सकते हैं।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की यह तीन देशों की यात्रा भारत की कूटनीति के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। इससे भारत की एक्ट ईस्ट नीति, हिंद-प्रशांत साझेदारी, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिल सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस यात्रा से कौन-से समझौते, संयुक्त बयान और नई पहल सामने आती हैं।
