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प्रधानमंत्री मोदी अगले सप्ताह इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर जाएंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह दौरा एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत के कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई दिल्ली, 3 जुलाई 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा की शुरुआत सोमवार को इंडोनेशिया से करेंगे, इसके बाद वे ऑस्ट्रेलिया जाएंगे और अंत में 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड की यात्रा पूरी करेंगे।
यह दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के लिहाज से बहुत अहम माना जा रहा है। भारत पिछले कई वर्षों से दक्षिण-पूर्व एशिया, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और प्रशांत देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने पर जोर देता रहा है। बदलते वैश्विक माहौल में व्यापार, सुरक्षा, समुद्री सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला, तकनीक, शिक्षा और प्रवासी भारतीय समुदाय जैसे मुद्दे भारत की विदेश नीति में और अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। ऐसे में तीन देशों की यह यात्रा केवल औपचारिक राजनयिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की क्षेत्रीय रणनीति का बड़ा हिस्सा मानी जा रही है।
इंडोनेशिया में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे। भारत और इंडोनेशिया दोनों हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्वपूर्ण देश हैं। समुद्री सुरक्षा, व्यापार, रक्षा सहयोग और सांस्कृतिक संबंध दोनों देशों के बीच प्रमुख विषय रह सकते हैं। इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और भारत के लिए आसियान क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग को नई गति मिल सकती है।
ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री मोदी वहां के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज से मुलाकात करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार वे ऑस्ट्रेलिया में व्यापार जगत के प्रमुख लोगों से भी मिल सकते हैं और मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड का दौरा भी कर सकते हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत हुए हैं। दोनों देश व्यापार, शिक्षा, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा और हिंद-प्रशांत सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मिलकर काम कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में लगभग दस लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, इसलिए यह यात्रा प्रवासी भारतीय समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
न्यूजीलैंड की यात्रा इस पूरे दौरे का सबसे खास हिस्सा मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार यह 40 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली न्यूजीलैंड यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन से मुलाकात करेंगे। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में व्यापार समझौते को लेकर चर्चा रही है। अप्रैल में हुए मुक्त व्यापार समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच अधिकांश वस्तुओं पर शुल्क कम करना या हटाना बताया गया है। ऐसे में यह यात्रा व्यापार, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने का अवसर बन सकती है।
हालांकि न्यूजीलैंड में भारत से जुड़े कुछ सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा रही है। रिपोर्ट में बढ़ती भारत-विरोधी भावना और व्यापार समझौते को लेकर तनाव का उल्लेख किया गया है। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने और संबंधों को संतुलित दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। भारतीय छात्रों, पेशेवरों और प्रवासी समुदाय के लिए भी यह यात्रा संदेश दे सकती है कि भारत अपने नागरिकों और मूल रूप से भारतीय समुदाय से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय नजर रखता है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्रा भारत की एशिया-प्रशांत नीति के लिए बड़ा संकेत है। यह यात्रा व्यापार, सुरक्षा, निवेश, शिक्षा, प्रवासी संबंध और क्षेत्रीय सहयोग जैसे कई मोर्चों पर असर डाल सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इन बैठकों से कौन-से समझौते, घोषणाएं और संयुक्त पहल सामने आती हैं।
